Wednesday, 28 August 2013

राजस्थान: वन्य जीव अभयारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान / Rajasthan: Wildlife Sanctuaries and National Parks

➲ राजस्थान बजट घोषणा 2013 के अन्तर्गत पक्षी अभ्यारण्य  स्थापित किया जायेगा - "बड़ोपल पक्षी अभ्यारण्य " - हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तहसील के गांव बड़ोपल में। बड़ोपल गांव विदेशी पक्षियों की शरण स्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

➲ किस जिले में सर्वाधिक वन्य जीव अभयारण्य है - उदयपुर

➲ किस जिले में सर्वाधिक आखेट निषिद्ध क्षेत्र है - जोधपुर

➲ राजस्थान का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान - रणथंबौर राष्ट्रीय उद्यान (1 नवम्बर 1980)

➲ राजस्थान का दूसरा राष्ट्रीय उद्यान - केवलादेव घना (1981)

➲ विश्व धरोहर के रूप में घोषित अभयारण्य - केवलादेव घना पक्षी विहार (1985)

➲ राजस्थान का पहला बाघ परियोजना क्षेत्र/टाईगर प्रोजेक्ट - रणथंभौर (1974)

➲ राजस्थान का दूसरा बाघ परियोजना क्षेत्र/टाईगर प्रोजेक्ट - सरिस्का (1978)

➲ एशिया की सबसे बड़ी पक्षी प्रजनन स्थली - केवलादेव घना पक्षी विहार

➲ राजस्थान के 2 राष्ट्रीय उद्यान - रणथंभौर व केवलादेव घना

➲ राजस्थान के 2 बाघ परियोजना क्षेत्र/टाईगर प्रोजेक्ट - रणथंभौर व सरिस्का

➲ राज्य पक्षी गोडावन के संरक्षण हेतु प्रसिद्ध दो आखेट निषिद्ध क्षेत्र - सोरसन (बारां), सोंखलिया (अजमेर)

➲ सबसे बड़ा आखेट निषिद्ध क्षेत्र - संवत्सर-कोटसर (बीकानेर)

➲ सबसे छोटा आखेट निषिद्ध क्षेत्र - सैथलसागर (दौसा)

➲ साथीन व ढेंचू है - जोधपुर जिले में स्थित आखेट निषिद्ध क्षेत्र

➲ आकल वुड फाॅसिल पार्क/आकल जीवाश्म क्षेत्र - जैसलमेर

➲ अभयारण्य - स्थापना - क्षेत्रफल (वर्ग किमी)
सरिस्का - 7 नवंबर 1955 - 860
रणथंभौर - 1 नवंबर 1960 - 392
सीतामाता - 1979 - 423
राष्ट्रीय मरू उद्यान - 8 मई 1981 - 3162
➲ केवलादेव घना पक्षी विहार/केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्रफल है - 28.73 वर्ग किमी

➲ सीतामाता अभयारण्य में पाई जाने वाली प्रमुख वृक्ष प्रजातियां - सागवान-बांस-महुआ

➲ रणथंभौर को वर्ष 1974 में तथा सरिस्का को वर्ष 1978 में राष्ट्रीय बाघ परियोजना में शामिल किया गया / टाईगर रिजर्व घोषित किया गया।

➲ टाईगर प्रोजेक्ट में शामिल भारत की सबसे छोटी बाघ परियोजना है - रणथंभौर

➲ सीतामाता अभयारण्य किन दो जिलों में विस्तृत है - प्रतापगढ व उदयपुर

➲ सीतामाता अभयारण्य का अधिकांश क्षेत्र प्रतापगढ जिले में आता है।

➲ जलीय पक्षियों की प्रजनन स्थली के रूप में प्रसिद्ध अभयारण्य है - चंबल अभयारण्य

➲ राजस्थान में वन्य जीवों के संरक्षण की शुरूआत कब हुई - 7 नवम्बर 1955 को

➲ राजस्थान में सर्वप्रथम 7 नवम्बर 1955 को घोषित वन्य जीव आरक्षित क्षेत्र - वन विहार, सरिस्का व दर्रा

➲ राजस्थान के कितने प्रतिशत क्षेत्र पर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभयारण्य विस्तृत है - 2.67 प्रतिशत

➲ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 राजस्थान में कब लागू हुआ - 1973 को

➲ भारत में बाघ परियोजना के जनक माने जाते है - कैलाश सांखला

➲ वन्य जीवों की संख्या की दृष्टि से राजस्थान का देश में स्थान है - दूसरा

➲ राज्य पशु चिंकारा (चैसिंगा) की सर्वाधिक संख्या - सीतामाता अभयारण्य

➲ सागवान वनों की अधिकता - सीतामाता अभयारण्य

➲ राज्य पक्षी गोडावन - राष्ट्रीय मरू उद्यान

➲ उड़न गिलहरी - सीतामाता अभयारण्य

➲ जंगली मुर्गे - मा. आबू अभयारण्य

➲ आकल काष्ठ जीवाश्म पार्क - राष्ट्रीय मरू उद्यान

➲ क्षेत्रफलानुसार सबसे बड़ा - राष्ट्रीय मरू उद्यान (3162 वर्ग किमी)

➲ प्रथम जैविक पार्क -  नाहरगढ अभयारण्य

➲ कृष्ण मृग एवं कुरजां पक्षी- तालछापर अभयारण्य

➲ भारतीय बाघों का घर - रणथंभौर

➲ सर्वाधिक वन्य जीव- रणथंभौर

➲ मोर का सर्वाधिक घनत्व - सरिस्का

➲ दुर्लभ औषधीय वन क्षेत्र - सीतामाता अभयारण्य

➲ हरे कबूतर - सरिस्का

➲ चंदन के वृक्ष - कुंभलगढ अभयारण्य

➲ बटबड़ पक्षी/इंपिरीयल सेंट ग्राउज - गजनेर अभयारण्य

➲ सांपों का संरक्षण स्थल - शेरगढ अभयारण्य

➲ सर्वाधिक जैव विविधता - दर्रा वन्य जीव अभयारण्य

➲ धोंकड़ा वन - दर्रा व रामगढ विषधारी

➲ भेडि़या व जंगली धूसर मुर्गे - कुंभलगढ अभयारण्य

➲ गागरोनी तोते - दर्रा वन्य जीव अभयारण्य

➲ चीतल की मातृभूमि - सीतामाता अभयारण्य

➲ खस नामक घास - जमुवा रामगढ अभयारण्य

➲ मोथिया घास व लाना झाडि़यों हेतु प्रसिद्ध - तालछापर अभयारण्य

➲ क्षेत्रफल की दृष्टि से राष्ट्रीय मरू उद्यान के बाद राजस्थन के तीन सबसे बड़े अभयारण्य (क्रमशः) - सरिस्का-कैलादेवी-कुंभलगढ

➲ क्षेत्रफल की दृष्टि से दो सबसे छोटे अभयारण्य - तालछापर-सज्जनगढ

➲ रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय स्थापित किया गया है।

➲ गंगानगर-हनुमानगढ-सीकर-झुंझुनू-डूंगरपुर-बांसवाड़ा-भीलवाड़ा आदि जिलों में कोई भी अभयारण्य या आखेट निषिद्ध क्षेत्र नहीं है।

➲ रणथंभौर व सरिस्का के अलावा किस अभयारण्य में बाघ विचरण करते है - रामगढ विषधारी अभयारण्य बूंदी में

➲ राजस्थान का सबसे पहला व सबसे प्राचीन जंतुआलय - जयपुर जंतुआलय (1876)

➲ कौनसा जंतुआलय अपनी पक्षीशाला के लिए प्रसिद्ध है - जोधपुर

➲ सर्वाधिक आखेट निषिद्ध क्षेत्र वाले दो जिले - जोधपुर-बीकानेर

➲ कांटे वाली छिपकली किस आखेट निषिद्ध क्षेत्र में पाई जाती है - रामदेवरा

➲ पश्चिमी राजस्थान में आने वाला प्रसिद्ध भ्रमणशील पक्षी है - कुरजां

➲ इंपीरियल सैण्ड ग्राउज अर्थात बटबड़ पक्षी के लिए विश्व प्रसिद्ध स्थान है - गजनेर (बीकानेर)

➲ राजस्थान का राज्य पक्षी गोड़ावन किन जिलों में पाया जाता है - अजमेर-जैसलमेर-बाड़मेर-बारां

➲ रूस, यूके्रन व कजाकिस्तान (साइबेरियाई क्षेत्र) से आने वाले प्रवासी पक्षी कुरजा का राजस्थान में सबसे बड़ा शरण स्थल है - खींचन (फलोदी तहसील)    ।।- तालछापर (चुरू)

➲ रणथंभौर को नवंबर 1980 में व केवलादेव घना को वर्ष 1981 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।

➲ केवलादेव घना पक्षी विहार को वर्ष 1985 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।

➲ राजस्थान में कुल 25 वन्य जीव अभयारण्य एवं 2 राष्ट्रीय उद्यान है।

➲ 25 वन्य जीव अभयारण्य -
01. राष्ट्रीय मरू उद्यान - जैसलमेर-बाड़मेर
02. अमृतादेवी वन्य जीव अभयारण्य व मृगवन - खेजड़ली, जोधपुर
03. कैलादेवी अभयारण्य - करौली
04. कुंभलगढ अभयारण्य - पाली-उदयपुर-राजसमंद
05. गजनेर अभयारण्य - बीकानेर
06. केसरबाग अभयारण्य - धौलपुर
07. जयसमंद वन्य जीव अभयारण्य - उदयपुर
08. चंबल अभयारण्य - कोटा
09. जमुवा रामगढ अभयारण्य - जयपुर
10. रावली-टाटगढ अभयारण्य - अजमेर-पाली
11. दर्रा अभयारण्य (मुकंदरा हिल्स अ.) - कोटा-झालावाड़
12. तालछापर अभयारण्य - चुरू
13. नाहरगढ अभयाण्य - जयपुर
14. मा. आबू अभयारण्य - सिरोही
15. फुलवाड़ी की नाल अभयारण्य - उदयपुर
16. भैंसरोड़गढ अभयारण्य - चितौड़गढ
17. रामगढ वन विहार -  भरतपुर-धौलपुर
18. रामगढ विषधारी अभयारण्य - बूंदी
19. वन विहार अभयारण्य - धौलपुर
20. सरिस्का अभयारण्य एंड टाईगर रिजर्व - अलवर
21. सीतामाता अभयारण्य - प्रतापगढ व उदयपुर
22. सज्जनगढ अभयारण्य - उदयपुर
23. शेरगढ अभयारण्य - बारां
24. सवाईमानसिंह अभयारण्य - सवाईमाधोपुर
25. गधों का अभयारण्य - डूंडलोद (झुंझुनू)
 ➲ 2 राष्ट्रीय उद्यान  -
01. रणथंबौर राष्ट्रीय उद्यान - सवाईमाधोपुर
02. केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान - भरतपुर
➲ राजस्थान में वर्तमान में 5 जंतुआलय है।

➲ आखेट (शिकार) निषिद्ध क्षेत्र -
  • सोरसन - बारां
  • संवत्सर-कोटसर - बीकानेर
  • कुंवालजी - सवाईमाधोपुर
  • धवा डोली, गुढा विश्नोई, फीटकाशनी, ढेंचू, जंभेश्वरजी, साथीन , लोहावट - जोधपुर
  • मुकाम, देशनोक, जोड़बीर, बज्जू, दीयात्रा -  बीकानेर
  • सैथल सागर - दौसा
  • गंगवाना, तिलोरा - अजमेर
  • बर्डोद, जौड़िया - अलवर
  • बागीदोरा - उदयपुर
  • धोरीमन्ना - बाड़मेर
  • जरोदा, रोटू - नागौर
  • उज्जला, रामदेवरा - जैसलमेर
  • रानीपुर - टोंक
  • कनकसागर - बूंदी
  • मैनाल - चितौड़गढ
  • सांचैर - जालोर
  • जवाईबांध - पाली


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